हनुमान जी के बारह नामोँ का उच्चारण बहूत फलदाई होता है । इनही बारह नामोँ के साथ एक वन्दना
मेरे हनुमँत,मेरे पवनसुत,मेरे हनुमान जी।
वन्दना आपकी कोटि कोटि,प्रणाम बारम्बार जी॥
अँजनी पुत्र हो, वायु पुत्र हो,महाबल हो तुम हनुमान जी।
वन्दना आपकी कोटी कोटी,प्रणाम बारम्बार जी॥
रामेष्ठ तुम, फाल्गुन सखा तुम, पिँगाक्ष भी तुम्ही हो हनुमान जी।
वन्दना आपकी कोटी कोटी,प्रणाम बारम्बार जी॥
अमितविक्रम, उदधिक्मण, सीताशोक विनाश्क हो हनुमान जी।
वन्दना आपकी कोटी कोटी,प्रणाम बारम्बार जी॥
तुम्ही हो लक्ष्मनप्रानदाता, दशग्रीव दर्पहा भी तुम्ही हो हनुमान जी।
वन्दना आपकी कोटी कोटी,प्रणाम बारम्बार जी॥
सँकट हरण कर, सँकटमोचन नाम ध्यायो तुम हनुमान जी।
कौन सो सँकट मोर गरीब को, जो टारो नहीँ जायो तुम हनुमान जी।
पीडा हरो तुम ,हदय बसो तुम, सँग सीता राम जी।
कृपालु तुम, कृपा करो,कृपानिधान तुम हनुमान जी।
वन्दना आपकी कोटी कोटी,प्रणाम बारम्बार जी॥
वन्दना आपकी कोटी कोटी,प्रणाम बारम्बार जी॥
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