कल्पना कविता की बुनियाद होती है ,परन्तु मेरी रचनाये किसी कल्पना से नहीं मेरे जीवन के यथार्थ से जुडी है | सुख दुःख के मोतिओं को पिरो कर बनी ये माला आपकी नज़र
Thursday, 9 January 2020
कृपादृष्टि
|| प्रभु मैं जानता हूँ आपकी असीम कृपादृष्टि लगातार मेरी और लगी हुई है आप मुझे आशीर्वाद देवें ताकि मैं आपका निरंतर सिमरन करते हुए उसकी अनुभूति कर सकूं ||
No comments:
Post a Comment